8 महीने पानी में डूबा रहता है ये मंदिर, पांडवों ने बनाई थी यहां स्वर्ग की सीढ़ियां…

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नई दिल्ली : भारत की संस्कृति आदि काल से ही अपने परम्परागत अस्तित्व के साथ अजर-अमर बनी हुई है भारत वर्ष साधू-संतों और सन्यासियों का देश रहा है. समय-समय पर संतों और सामर्थ्यशाली राजा-महाराजाओं ने धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए कई अद्भुत मंदिरों का निर्माण किया है. ये मंदिर आदिकाल से लेकर वर्तमान काल तक रहस्यों भरे है. हमा

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रा वर्तमान भी इन मंदिरों के रहस्यों को लगातार खोजने और जानने की कोशिश में लगा है. आज हम आप को एक ऐसे ही मंदिर के बारें में बताने जा रहें है जिसके बारें में जानकर आप हैरान रह जायेंगे.
भारत में एक ऐसा मंदिर है जो समय- समय पर ही दिखता है, यह और मंदिरों की तरह पुरे समय नहीं दिखता है. दरअसल यह मंदिर समुन्द्र के बीच में बना हुआ है. इस वजह से जब पानी कम होता है तभी यह दिखता है और जब पानी बढ़ जाता है तो यह मंदिर पानी में डूब जाता है.
यह मंदिर भगवन शिव का है नागेश्वर महादेव मंदिर , ये मंदिर हिमांचल प्रदेश के कांगड़ा में स्थित हैं, बताया जाता हैं की इस मंदिर को महाभारत काल में पांडवों ने बनवाया था. इस मंदिर से पांडवों ने स्वर्ग तक सीढ़ी लगाने का काम शुरू किया था. भगवान ने पांडवों को 6 महीने का वक़्त दिया था, और इसीलिए भगवान ने 6 महीने के लिए रात कर दिया था.
अगर आप भी इस अजूबे से भरे मंदिर के दर्शन करना चाहते हैं तो जल्दी ही अपनी योजना बना ल

ीजिये और निकल जाइये गुजरात के भ्रमण पर. कभी ना कभी तो समुन्द्र में पानी कम होगा ही, उस दौरान आप इस मंदिर में भगवान शिव के दर्शन कर के अपनी इच्छानुसार फल पा सकते हैं.
नागेश्वर शिव पुराण में वर्णित भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार यह मंदिर अन्य सभी ज्योतिर्लिंगों में पहला है जो हमारे देश में है. मंदिर को नागनाथ मंदिर या नागेश्वर महादेव मंदिर के रूप में भी जाना जाता है.

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